मतिभ्रम: कारण, इलाज। hallucination in Hindi। हैल्युसिनेशन या मतिभ्रम कोरोना का लक्षण हो सकता है

मतिभ्रम क्या है?

मतिभ्रम या हैल्युसिनेशन क्या है? मतिभ्रम जैसे कि शब्द से पता चल रहा है कि किसी प्रकार का भ्रम है, इसमें हमें उन चीज़ें का आभास होता है जो वास्तव में हमारे आसपास होती ही नहीं हैं। 


यह एक मानसिक बीमारी हो सकती है जिसे स्किज़ोफ्रेनिया कहा जाता है, तंत्रिका तंत्र की समस्या जैसे पार्किंसंस रोग, मिर्गी, या कई अन्य परिस्थितियों में ये हो सकता है। 


यदि आपको या किसी प्रियजन को मतिभ्रम है, तो एक डॉक्टर से मिलें और उपचार प्राप्त करें। इस स्थिति का उपचार इस पर निर्भर करता है कि मतिभ्रम के लिए ज़िम्मेदार समस्या क्या है? यदि वे समस्या आसानी से नियंत्रित की जा सकती है तो आपकी मतिभ्रम एकदम सही हो सकता है परंतु यदि समस्या को आसानी से नियंत्रित नहीं हो सकती है तो मतिभ्रम को सही कर पाना काफ़ी मुश्किल होता है। 

मतिभ्रम के कारण: 

मानसिक विकार:

इस बीमारी वाले 70% से अधिक लोगों को दृश्य मतिभ्रम होता है, और 60% -90% आवाज सुनते हैं। लेकिन कुछ ऐसी चीजों को भी सूंघ और स्वाद ले सकते हैं जो वहां नहीं हैं।

पार्किंसंस: 

जिन लोगों की यह स्थिति है उनमें से आधे तक कभी-कभी ऐसी चीजें दिखाई देती हैं जो वहां नहीं हैं।

अल्ज़ाइमर डिजीज: 

इस बीमारी से ग्रसित मरीज़ों को मतिभ्रम की समस्या हो सकती है ख़ासकर उन मरीज़ों में जिनकी बीमारी गम्भीर हो चुकी है। 


माइग्रेन: 

इस तरह के सिरदर्द वाले लगभग एक तिहाई लोगों में एक "आभा," एक प्रकार का दृश्य मतिभ्रम होता है। यह प्रकाश के बहुरंगी वर्धमान की तरह लग सकता है।

दिमाग़ का ट्यूमर 

दिमाग़ का ट्यूमर कहाँ पर है इस पर निर्भर करता है कि आपको कौन सा मतिभ्रम होने की सम्भावना ज़्यादा है।  यह विभिन्न प्रकार के मतिभ्रम का कारण बन सकता है। यदि यह उस क्षेत्र में है जो दृष्टि के लिए ज़िम्मेदार है, तो आप ऐसी चीजें देख सकते हैं जो वास्तविक नहीं हैं। आप प्रकाश के धब्बे या आकार भी देख सकते हैं। मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में ट्यूमर गंध और स्वाद के मतिभ्रम का कारण बन सकते हैं।

मतिभ्रम के प्रकार: 

मतिभ्रम मुख्यत: ५ प्रकार के होते हैं। 

  1. ऑडिटरी (श्रवण) मतिभ्रम 
  2. ओल्फैक्टरी (सुगंध) मतिभ्रम
  3. विज़ुअल (दृष्टि) मतिभ्रम 
  4. टैक्टाइल (छूने) मतिभ्रम
  5. गस्टेटरी (स्वाद) मतिभ्रम

श्रवण (ऑडिटरी) मतिभ्रम: 

जब व्यक्ति को वो आवाज़ें सुनाई देने लगती हैं जो उसके आसपास उपस्थित नहीं हैं, तब उसे श्रवण मतिभ्रम कहते हैं। उदाहरण के तौर पर व्यक्ति यदि अपने दिवंगत पिता या किसी रिश्तेदार की आवाज़ सुनने लगता है। 

इसके प्रमुख कारण हैं:

  1. मानसिक विकार 
  2. दोध्रुवी विकार मनोविकृति 
  3. अस्थिर व्यक्तित्व की परेशानी 
  4. अभिघातज के बाद का तनाव 
  5. बहरापन 
  6. नींद संबंधी विकार 
  7. मस्तिष्क के घाव 
  8. नशीली दवाओं के प्रयोग 

विज़ुअल (दृष्टि) मतिभ्रम: 

जब व्यक्ति को कुछ ऐसा दिखने लगता है जो उसके आसपास नहीं होता है, जैसे कि कुछ लोगों को कभी भाँग पीकर भगवान सामने दिखाई देने लगते हैं। 

इसके कारण हैं: 

  1. दिमाग़ी चोट
  2. स्किजोफ्रेनिया
  3. माइग्रेन
  4. मिर्गी
  5. अनिद्रा
  6. दिमाग़ के ट्यूमर
  7. भाँग इत्यादि 

ओल्फैक्टरी (सुगंध) मतिभ्रम: 

व्यक्ति ऐसी गंध महसूस करने लगता है जो आस पास मौजूद नहीं होती है। 

कारण: 

  1. दिमाग़ी चोट
  2. ज़ुकाम 
  3. टेम्पोरल लोब की मिर्गी
  4. दिमाग़ का ट्यूमर

टैक्टाइल (छूने) का मतिभ्रम: 

व्यक्ति ऐसी चीजों का छूना महसूस होता है जो वास्तव में नहीं होती हैं जैसे कि व्यक्ति को महसूस होता है कि शरीर में कीड़े रैंग रहे हैं। या किसी ने हाथ पकड़ रखा है। 

 कारण: 

  1. अल्कोहल 
  2. नशीली दवाइयाँ 
  3. पार्किंसंस 
  4. दिमाग़ी चोट
  5. स्किजोफ्रेनिया

गस्टेटरी (स्वाद) मतिभ्रम: 

उन वस्तुओं का स्वाद अपने मुँह में महसूस करना जो खाई नहीं हैं या व्यक्ति किसी सामान्य खाद्य पदार्थ का स्वाद कुछ अलग महसूस करता है। 

कारण: 

  1. दिमाग़ी चोट
  2. मिर्गी
  3. साइनस की समस्या। 

मतिभ्रम की जाँच व निदान: 

व्यक्ति को मतिभ्रम है या नहीं इसके लिए मरीज़ या घर वालों से बात करके मरीज़ के स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों को पता करना, मरीज़ का परीक्षण करना प्रारम्भिक जाँचों में से है इसके बाद निम्नलिखित जाँचें की जा सकती हैं: 
  1. EEG  ये मिर्गी के विषय में जानकारी देता है। 
  2. MRI BRAIN: इससे हम दिमाग़ की चोटों, ट्यूमर इत्यादि की जाँच कर सकते हैं। 

इलाज: 

इलाज में प्रमुख है “कारण का इलाज” करना अर्थात् जो समस्या मतिभ्रम के लिए ज़िम्मेदार है उसका इलाज करना। इसके अलावा कुछ मानसिक थेरेपी भी कारगर हो सकती हैं जैसे कि “cognitive behavioural therapy” इसमें  व्यक्ति के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश की जाती है। 

महत्वपूर्ण तथ्य: 

जर्नल ऑफ क्लिनिकल इम्युनोलॉजी एंड इम्युनोथैरेपी” में छपे एक अध्ययन के अनुसार कोरोनावायरस के मरीज़ों में बुख़ार के साथ मतिभ्रम या बेहोशी प्रारंभिक लक्षण हो सकती है जो कि खाँसी व साँस की तकलीफ़ के काफ़ी पहले आ सकता है। 

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