एनीमिया क्या होता है? एनीमिया के प्रकार और लक्षण

दोस्तों एक बात आप सब लोग सुनते होंगे अपने आस पास कि फ़लाँ आदमी को एनीमिया हो गया है या फ़लाँ महिला को खून की कमी हो गई है। हम में से ज़्यादातर लोग जानते हैं कि एनीमिया शरीर में रक्त की कमी को कहते हैं। पर क्या वाक़ई केवल रक्त की कमी ही एनीमिया है या फिर इसकी और भी परिभाषाएँ होती हैं! 

इस लेख में और आने वाले दो लेखों में हम एनीमिया के विषय में सब कुछ जानेंगे। इस विषय पर आपके जो भी सवाल होंगे मैं उन सभी का उत्तर देने की कोशिश करूँगा, वो भी बहुत आसान भाषा में। 

इस लेख में मैं आपको एनीमिया की परिभाषा, एनीमिया के प्रकार, एनीमिया के कारण, एनीमिया के लक्षण एवं आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के विषय में बताऊँगा।  

एनीमिया क्या होता है

हम सब जानते हैं कि एनीमिया का अर्थ होता है: 

1.   रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी

2.   रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी

परंतु

चिकित्सा विज्ञान के हिसाब से एनीमिया का अर्थ होता है “ शरीर में जो रक्त है वो ऑक्सीजन की कम मात्रा धारण कर पा रहा है और शरीर के अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुँच पा रही है।” 

तो क्या अब तक आपने जो पढ़ा वो सब ग़लत है मतलब खून की कमी वग़ैरह? जी नहीं वो ग़लत नहीं है वो वास्तव में मानक हैं जिनकी मदद से हमें अंदाज़ा लगता है कि खून की ऑक्सीजन को धारण करने की क्षमता में कितनी कमी है। ये एक तरह से अप्रत्यक्ष प्रतिनिधि हैं रक्त की ऑक्सीजन को धारण कर पाने की क्षमता के। 

शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा को सीधे तौर पर मापना संभव नहीं है, जो मानक हम सीधे तौर पर माप सकते हैं वो होता है हीमोग्लोबिन। इसलिए चिकित्सक भी हीमोग्लोबिन को पहला मानक मानते हैं एनीमिया की पहचान के लिए। और इसीलिए आमतौर पर ये प्रचलित है कि एनीमिया का अर्थ हीमोग्लोबिन की कमी है। 

पुरूषों में हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर १३-१८ग्राम/डेसीलीटर और महिलाओं में सामान्य स्तर ११-१४ ग्राम/ डेसीलीटर होता है। 

एक स्वस्थ व्यक्ति के रक्त में .-. लाख/घन मिलीमीटर (lakhs/cubic mm) लाल रक्त कोशिकाएँ होती हैं।

यदि एक पुरूष के रक्त में हीमोग्लोबिन १३ ग्राम/डेसीलीटर से कम है, या लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या ४लाख/घन मिलीमीटर से कम है तो उसको एनीमिया की श्रेणी में रखते हैं। 

यदि एक महिला के रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा ११ ग्राम/डेसीलीटर से कम है, या लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या . लाख/ घन मिलीमीटर से कम है तो उसको एनीमिया की श्रेणी में रखा जाता है। 

एनीमिया क्या होता है? एनीमिया के प्रकार और लक्षण

एनीमिया के लक्षण: 

एनीमिया में किसी व्यक्ति में आने वाले लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

1.   थकान

2.   चक्कर आना

3.   बेहोशी

4.   आँखों में नीचे के पलक से जुड़ी झिल्ली का सफ़ेद हो जाना

5.   त्वचा का सफ़ेद दिखने लगना

6.   ठंडी त्वचा

7.   साँस फूल जाना

8.   धड़कन महसूस करना

9.   दिल का बहुत तेज धड़कना 

यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि एनीमिया के लक्षण लोगों में बहुत बाद में पता लगते हैं जिनको एनीमिया एक लंबे अंतराल में धीरे धीरे होता है और जिनमें बहुत तेज़ी से होता है उनमें बहुत जल्दी और बहुत तीव्रता के साथ लक्षण दिखते हैं। 

एनीमिया के कारण: 

1.   किसी चोट या बीमारी में रक्तस्राव होना 

2.   आयरन की कमी होना

3.   विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी होना

4.   मलेरिया 

5.   दिल का ऑपरेशन

6.   डायलिसिस 

7.   कैंसर

8.   अस्थिमज्जा( bone marrow) की क्रिया को कम करने वाली दवाइयाँ 

9.   बहुत अधिक एक्स रे या रेडियोधर्मी पदार्थों से संपर्क 

एनीमिया के प्रकार: 

एनीमिया को सामान्य तौर पर निम्नलिखित आधारों पर विभाजित किया जाता है: 

लाल रक्त कोशिकाओं के आकार के आधार पर:

एनीमिया क्या होता है? एनीमिया के प्रकार और लक्षण

Microcytic type:

इनमें लाल रक्त कोशिकाओं का आकार सामान्य से छोटा हो जाता है जैसे कि आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया

Macrocyclic/megaloblastic Anemia:

इनमें लाल रक्त कोशिकाओं का आकार सामान्य से अधिक होता है जैसे कि विटामिन B12 या फोलिक एसिड की कमी से होने वाला एनीमिया

पैथोलॉजी के आधार पर: 

ये तरीक़ा सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीक़ा है। इसमें एनीमिया को उसके कारण के आधार पर किसी श्रेणी में डाला जाता है जो कि निम्नवत हैं

1.   रक्त ह्रास एनीमिया ( hemolytic anemia): इनमें एनीमिया का कारण रक्त कोशिकाओं का टूटना होता है जिसके मुख्य कारण हैं मलेरिया, हृदय के ऑपरेशन, डायलिसिस। 

2.   पर्नीशियस एनीमिया(pernicious anemia): ये विटामिन B12 की कमी से होता है

3.   आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया

4.   सिकिल सेल एनीमिया

5.   थैलेसेमिया 

6.   एप्लास्टिक एनीमिया

हीमोग्लोबिन की मात्रा के आधार पर: 

हल्का एनीमिया: 

1.   पुरुषों में: ११-१२. ग्राम/डेसीलीटर

2.   महिला(जो गर्भवती नहीं है): ११-११. ग्राम/डेसीलीटर 

3.   महिला (जो गर्भवती है): १०-१०. ग्राम/डेसीलीटर

4.   बच्चों में: 

o    महीने से वर्ष तक: १०-१०. ग्राम/डेसीलीटर 

o    साल से ११ साल तक: ११-१४ग्राम/डेसीलीटर

o    १२-१४ वर्ष: ११-११.९ग्राम/डेसीलीटर

मध्यम एनीमिया: 

1.   पुरुषों में: -१०. ग्राम/डेसीलीटर

2.   महिला(जो गर्भवती नहीं है): -१०.९ग्राम/डेसीलीटर 

3.   महिला (जो गर्भवती है): -.९ग्राम/डेसीलीटर

4.   बच्चों में: 

o    महीने से वर्ष तक: -.९ग्राम/डेसीलीटर 

o    साल से ११ साल तक: -१०. ग्राम/डेसीलीटर

o    १२-१४ वर्ष: -१०. ग्राम/डेसीलीटर

गंभीर एनीमिया:

1.   पुरुषों में: < ग्राम/डेसीलीटर

2.   महिला(जो गर्भवती नहीं है): < ग्राम/डेसीलीटर 

3.   महिला (जो गर्भवती है): < ग्राम/डेसीलीटर

4.   बच्चों में: 

o    महीने से वर्ष तक: < ग्राम/डेसीलीटर 

o    साल से ११ साल तक: < ग्राम/डेसीलीटर

o    १२-१४ वर्ष: < ग्राम/डेसीलीटर

आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया:

 सबसे पहला सवाल ये है कि आयरन की कमी से एनीमिया होता क्यों है? इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें हीमोग्लोबिन की संरचना समझनी पड़ेगी। 

हीमोग्लोबिन में दो भाग होते हैं हीम और ग्लोबिन। ग्लोबिन एक प्रोटीन होता है और हीम में आयरन होता है, तो इस तरह हम समझ सकते हैं कि हीमोग्लोबिन बनने के लिए आयरन एक आवश्यक तत्व है।   

 लक्षण:

आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के लक्षण अन्य प्रकार के एनीमिया जैसे ही होते हैं जैसे कि ऊपर एनीमिया के लक्षण बताए हैं। फिर भी एक बार और जान लेते हैं 

 मुख्य लक्षण: 

1.   जल्दी थक जाना

2.   साँस फूल जाना

3.   शरीर पर सूजन जाना

4.   हृदय गति बढ़ जाना 

5.   हृदय गति का महसूस होना

6.   त्वचा का सफ़ेद पड़ जाना

शरीर में आयरन की कमी के कारण: 

1.   कुपोषण 

2.   जंक फ़ूड का अत्यधिक इस्तेमाल

3.   विटामिन सी की कमी

4.   एसिडिटी की दवाओं का अधिक इस्तेमाल

5.   प्रेगनेंसी 

6.   पेट में कीड़े होना

7.   बहुत ज़्यादा रक्तस्राव हो जाना

जाँचें: 

एनीमिया की जाँच सबसे पहले चिकित्सकीय परीक्षण से हो सकती है। निम्नलिखित जगहों पर हमें खून की कमी दिख जाती है बहुत आसानी से:

  1.    नीचे वाली पलक के अंदर वाली झिल्ली 

2.   हथेली

3.   जीभ 

4.   नाखून

ये सब जगह सामान्य से ज़्यादा सफ़ेद दिखती हैं। 

 एनीमिया का पता लगाने के लिए सबसे पहली जाँच हीमोग्लोबिन की होती है।

एनीमिया आयरन की कमी से हुआ इसके लिए निम्नलिखित जाँचें की जाती हैं: 

1.   सीरम आयरन(serum iron level): ये एनीमिया में सामान्य से कम होता है

2.   सीरम फेरिटिन ( serum ferritin level): शरीर में आयरन फेरिटिन के रूप में एकत्र होता है। एनीमिया में सामान्य से कम होता है 

3.   आयरन को बांधने की क्षमता( Total iron binding capacity): शरीर में आयरन एक जगह से दूसरी जगह पर ट्रांसफेरिन (Transferrin) नामक प्रोटीन से जुड़कर जाता है, इसी को आयरन बाँधने की क्षमता कहते हैं। यदि शरीर में आयरन की मात्रा कम हो जाती है तो इस प्रोटीन से आयरन से जुड़ने की क्षमता बढ़ जाती है क्योंकि आयरन की कमी के कारण Transferrin प्रोटीन के ज़्यादा अणु ख़ाली रहते हैं, इसलिए एनीमिया की स्थिति में ये जाँच सामान्य से बढ़ी हुई आती है। 

आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का इलाज:

एक दिन में कितना आयरन खाना चाहिए: लगभग २० ग्राम आयरन रोज़  रक्त में पहुँचना चाहिए। आप जितना  आयरन खाते हैं उसका लगभग पाँचवाँ हिस्सा ही अवशोषित होता है।

आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि अनीमिया हल्का, मध्यम या गंभीर है। 

हल्का एनीमिया: 


गर्भवती महिलाओं में अनीमिया के इलाज के लिये क्लिक करें

आयरन और फोलिक एसिड की गोलियाँ दिन में दो बार खाने से दो घंटे पहले या दो घंटे बाद। 

 मध्यम एनीमिया: 

आयरन की गोली या आयरन का इंजेक्शन 

 गम्भीर एनीमिया: 


एनीमिया क्या होता है? एनीमिया के प्रकार और लक्षण

यदि एनीमिया के लक्षण ज्यादा हैं तो खून चढ़ाने की ज़रूरत होती है, अन्यथा बाक़ी सभी एनीमिया के मरीज़ों को आयरन की दो गोलियाँ रोज़ दी जा सकती हैं।

आयरन फोलिक एसिड की गोली की ख़ुराक: 

-६० महीने की उम्र तक:

- मिलीग्राम/किलोग्राम आयरन फोलिक एसिड १०० माइक्रोग्राम 

६० महीने की उम्र के बाद: 

१०० मिलीग्राम आयरन ५०० माइक्रोग्राम फोलिक एसिड 

आयरन फोलिक एसिड की गोली के साइड इफ़ेक्ट: 

वैसे आयरन की गोली के बहुत ज़्यादा साइड इफ़ेक्ट नहीं होते हैं परंतु फिर भी कुछ पाचन तंत्र से जुड़े साइड इफ़ेक्ट होते हैं जो निम्न लिखित हैं: 

1.   मुँह में धातु या लोहे जैसा स्वाद रहना

2.   उल्टी आना

3.   उबकाई आना

4.   डायरिया

5.   क़ब्ज़ होना

आयरन की कमी को पूरा करने वाले आहार: 

एनीमिया क्या होता है? एनीमिया के प्रकार और लक्षण

1.   हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ जैसे कि पालक, मेथी

2.   दालें

3.   टोफ़ू

4.   काजू

5.   अखरोट

6.   अंडा

7.   मछली का तेल

8. गुड़

9. लोहे के बर्तनों में बना भोजन

आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के विषय में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी देने की कोशिश की है मैंने जिससे कि आपको ये पहचानने में आसानी रहे कि आपको या आपके किसी सगे संबंधी को एनीमिया तो नहीं है, और इसकी पहचान करके आप शीघ्रातिशीघ्र चिकित्सकीय परामर्श कर सकते हैं जिससे एनीमिया का समय से समुचित इलाज हो सकता है। 

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चलिए फिर आज के लिए इतना ही, अगले लेख में एनीमिया के विषय में और नई और मज़ेदार जानकारी लेकर मिलूँगा। 

 

 

ये भी पढ़ें:

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