क्या भारत ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है? Covaxin क्या है, बाज़ार में कब तक आ जाएगी?


कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को तबाही के दरवाज़े पर लाकर खड़ा कर दिया है। मानव ने इतनी तरक़्क़ी कर ली इतनी दवाइयाँ बना लीं पर विडम्बना देखिए कि इनमें से एक भी दवा ऐसी नहीं है जो इस बीमारी पर पूरी तरह से कारगर हो। जब हर तरफ़ चिंता ही चिंता है ऐसे में भारत बायोटेक नाम कीं कम्पनी ने उम्मीद की एक किरण जगाई है। अगर ये परीक्षण सफल रहा तो भारत दवाओं की दुनिया का एक बड़ा खिलाड़ी बन सकता है। आइए जानते हैं कि क्या है COVAXIN? 
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित वैक्सीन COVAXIN को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मानव नैदानिक ​​परीक्षणों के साथ शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि वह WISCONSIN, ICMR और थॉमस जेफरसन विश्वविद्यालय के साथ मिलकर अपने 3 COVID-19 टीकों की घोषणा करके प्रसन्न है।

कोरोनावायरस क्या है? 

कोरोनावायरस के विषय में जानने के लिए आप ये वीडियो देखिए:

COVAXIN क्या है?

कोरोनावायरस वैक्सीन COVAXIN अत्यधिक संक्रामक और जानलेवा बीमारी COVID-19 के लिए भारत का पहला स्वदेशी विकसित अंडर-ट्रायल वैक्सीन है, जिसने हर देश के विकास पर असर डाला है क्योंकि बीमारी के कारण लाखों लोग बीमार पड़ गए हैं। भारत बायोटेक इंटरनेशनल द्वारा ICMR और NIV के सहयोग से COVAXIN को विकसित किया गया है, भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल से मानव क्लिनिकल  ​​परीक्षण करने के लिए अनुमति प्राप्त की है, भारत बायोटेक ने सूचित किया है।
Covaxin में वायरस को निष्क्रिय करके डाला गया है जिससे ये बीमारी नहीं पैदा करेगा परंतु इसके एंटीजन शरीर में पहुँच जाएँगे जिससे शरीर एंटीबॉडी बना लेगा। भविष्य में यदि कभी भी वायरस से संक्रमण हुआ तो ये एंटीबॉडी वायरस को बीमारी पैदा करने के पहले ही मार देंगी। 
पूर्व के ​​अध्ययनों के बाद सुरक्षा और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया अगले महीने शुरू होगी, SARS-CoV-2 के लिए टीके के चरण I और चरण II के तहत नैदानिक ​​परीक्षण को मंजूरी दी गई है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग ने वैक्सीन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हैदराबाद में जेनोम वैली में स्थित भारत बायोटेक बीएसएल -3 (बायो-सेफ्टी लेवल 3) हाई कंसेंट सुविधा में स्वदेशी और निष्क्रिय टीका विकसित किया गया है।

COVAXIN को DCGI, स्वास्थ्य मंत्रालय से चरण 1 और चरण 2 मानव क्लिनिकल ​​परीक्षणों को शुरू करने की अनुमति मिल गई है:


भारत बायोटेक के COVAXIN को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से चरण 1 और II के साथ होने की मंजूरी मिल गई है। 

COVAXIN का मानव क्लिनिकल परीक्षण का प्रथम चरण कब शुरू होगा?


 COVAXIN के मानव नैदानिक ​​परीक्षण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में शुरु हो चुके हैं। अब देखना ये है कि कब तक परिणाम आते और कैसे आते हैं! क्या हम वैक्सीन बना पाने में सफल हो पाएँगे? ये तो वक्त ही बताएगा परंतु हमें अपने वैज्ञानिकों का आभारी होना चाहिए जो इस मुश्किल घड़ी में रात दिन एक करके हमारे लिए वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। 

कोरोनावायरस वैक्सीन कब - COVXIN - बाजार में उपलब्ध होगा


 COVAXIN का मानव क्लिनिकल ​​परीक्षण चरण 1 और चरण 2 जुलाई से शुरू होगा, इसलिए, वर्तमान में इस बात की कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है कि टीका कब मानव उपयोग के लिए बाजार में उपलब्ध होगा।

COVAXIN का निर्माण कौन कर रहा है


भारत की पहली स्वदेशी कोरोनवायरस वैक्सीन COVAXIN को भारत बायोटेक, हैदराबाद स्थित फर्म द्वारा विकसित और निर्मित किया गया है।

COVAXIN परिणाम अब तक संतोषजनक हैं

कंपनी, भारत बायोटेक द्वारा कहा गया है कि शुरुआती अध्ययनों के परिणाम आशाजनक रहे हैं और व्यापक सुरक्षा और प्रभावी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया दिखाते हैं।
प्रथम चरण मानव परीक्षण में भी वैक्सीन मानव के लिए सुरक्षित पाई गई है। 

COVAXIN पर भारत बायोटेक के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक के कथन: 


भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, डॉ। कृष्णा एला कहते हैं, "हमें COVID-19 के खिलाफ भारत के पहले स्वदेशी वैक्सीन COVAXIN की घोषणा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। इस वैक्सीन के विकास में ICMR और NIV के साथ सहयोग महत्वपूर्ण था।(स्रोत: Google)

कोरोना की वैक्सीन आने के बाद कितने दिन में ये बीमारी समाप्त हो जाएगी?


लोग सोच रहे हैं कि आज वैक्सीन आएगी कल से कोरोना ख़त्म हो जाएगा! ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारे पास आज बहुत सारी वैक्सीन हैं बाज़ार में परंतु वो बीमारियाँ अभी भी हैं लोगों को जैसे कि हेपटाइटिस बी। 

पोलियो आज देश से ख़त्म हो चुका है परंतु पोलियो को जड़ से मिटाने में भी ३०-४० साल लग गए वो भी तब जब पोलियो वायरस में इतने लम्बे अंतराल में भी बहुत कम बदलाव आए थे। 

कोरोनावायरस जो कि हर दिन रूप बदल रहा है इसकी वैक्सीन कितनी कारगर होगी कह पाना बहुत मुश्किल है। 


भारत बायोटेक के अलावा, 5 अन्य भारतीय फर्म भी एक वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रही हैं, जिसका दुनिया भर में स्वास्थ्य और लाखों लोगों के धन को प्रभावित करने वाला विनाशकारी प्रभाव पड़ा है। भारत ही नहीं, बल्कि विश्व भर की  फार्मा कंपनियां, शोधकर्ता, वैज्ञानिक दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि कोरोनोवायरस के लिए वैक्सीन का पता लगाया जा सके क्योंकि दुनिया में मौजूद दवाएं इस बीमारी को रोकने के लिए कारगर नहीं हैं।

कोरोना वायरस से अब तक विश्व में करोड़ों लोग संक्रमित हो चुके हैं और लाखों लोग अपनी जान गँवा चुके हैं । ऐसे में यदि वैक्सीन बनकर बाज़ार में उपलब्ध हो जाती है तो ये मानव जाति के ऊपर बहुत बड़ा उपकार होगा। परंतु जैसा कि ऊपर बताया गया है कि ये वैक्सीन अभी परीक्षण अवस्था में है, परीक्षण के परिणाम संतोषजनक आएँगे या नहीं आएँगे ये तो भविष्य के गर्भ में है परंतु हम एक उम्मीद कर सकते हैं और भगवान से प्रार्थना कर सकते हैं  कि वैक्सीन का परीक्षण सफल हो और जल्द से जल्द ये वैक्सीन बाज़ार में आए। 


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