उच्च रक्तचाप की रोकथाम कैसे करें: 10 बातें जो आपको जाननी चाहिए

रक्तचाप की रोकथाम के लिए ज़रूरी 10 बातें जो आपको जाननी चाहिए 

रक्तचाप को क़ाबू करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। ये तब और ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप उच्च रक्तचाप के मरीज़ हैं। रक्तचाप को संतुलित रखने के दो तरीक़े होते हैं 
  • बिना दवाओं के जीवन शैली में परिवर्तन करके 
  • दवाओं द्वारा
जीवनशैली आपके उच्च रक्तचाप के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि आप एक स्वस्थ जीवन शैली के साथ अपने रक्तचाप को सफलतापूर्वक नियंत्रित करते हैं, तो आप दवा की आवश्यकता से बच सकते हैं, देरी कर सकते हैं या कम कर सकते हैं।

इस लेख में हम जीवनशैली में १० ऐसे बदलावों के विषय में जानेंगे जिनकी सहायता से आप अपना रक्तचाप कम कर सकते हैं और इसे नियंत्रित रख सकते हैं।

  1. वजन कम करें:

वजन बढ़ने पर ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ जाता है। अधिक वजन होने के कारण भी आप सोते समय (स्लीप एपनिया) बाधित सांस ले सकते हैं, जो आपके रक्तचाप को बढ़ाता है।
रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए वजन घटाना सबसे प्रभावी जीवन शैली में से एक है। यदि आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं तो वजन कम करने में भी आपके रक्तचाप को कम करने में मदद मिल सकती है। सामान्य तौर पर यदि आप अपना वजन एक किलो कम करते हो तो आपका ब्लड प्रेशर १ मिलीमीटर पारा कम हो सकता है।
सामान्य रूप में:
  • यदि कमर की माप 40 इंच से अधिक हो तो पुरुषों में उच्च रक्तचाप का जोखिम बढ़ जाता है।
  • यदि कमर की माप 35 इंच से अधिक हो तो महिलाओं में उच्च रक्तचाप का जोखिम बढ़ जाता है।

2. नियमित व्यायाम करें

यदि आप प्रतिदिन व्यायाम करते हैं तो आप रक्तचाप को नियंत्रित कर सकते हैं। जो लोग नियमित व्यायाम करते हैं उनका रक्तचाप ८-१० मिलीमीटर पारा कम हो जाता है। परंतु अनुशासन आवश्यक है, क्योंकि व्यायाम छोड़ते ही आपका रक्तचाप फिर बढ़ सकता है।

  • एरोबिक व्यायाम के कुछ उदाहरणों में आप रक्तचाप को कम करने की कोशिश कर सकते हैं जिनमें चलना, टहलना, साइकिल चलाना, तैराकी या नृत्य शामिल हैं।
  • आप वजन के साथ भी कसरत कर सकते हैं।

3. स्वस्थ आहार खाएं

आपको ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जो साबुत अनाज, फल, सब्जियों और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों से भरपूर हो और संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल को कम करता हो।

अपने खाने की आदतों को बदलना आसान नहीं है, लेकिन कुछ सुझावों का पालन करके आप स्वस्थ खान पान की आदत अपना सकते हैं
  • खाने की डायरी रखें। उसमें अपने खाने का समय, मात्रा और कारण लिखें, ऐसा सप्ताह भर करें, उसके बाद देखें कि आपने क्या चीज़ अनावश्यक खाई, या आवश्यकता से अधिक खाई। आप इन सब चीजों को अपने भोजन से हटाने का प्रयास करें।
  • पोटेशियम को बढ़ाने की कोशिश करें।  पोटेशियम रक्तचाप पर सोडियम के प्रभाव को कम कर सकता है। पोटेशियम का सबसे अच्छा स्रोत भोजन है, जैसे कि फल और सब्जियां। पोटेशियम स्तर के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें जो आपके लिए सबसे अच्छा है।

4. अपने आहार में नमक को कम करें

अपने भोजन में नमक कम करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दिन भर में ५-६ ग्राम से अधिक नमक नहीं खाना चाहिए। रात में नमक वाला भोजन करने से बचें।

अपने आहार में सोडियम को कम करने के लिए इन सुझावों पर विचार करें:

  • फूड लेबल पढ़ें। यदि संभव हो, तो खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के कम-सोडियम विकल्प चुनें
  • प्रोसेस्ड फूड कम खाएं।

5. शराब का सेवन कम करें 

शराब पीना आपके लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि शराब के साथ आपके शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जाती हैं जिससे आपके शरीर में वसा की मात्रा बढ़ जाती है और आपकी धमनियों की दीवारों की मोटाई बढ़ सकती है। 
अल्कोहल को अधिक मात्रा में पीने से रक्तचाप कई बहुत अधिक बढ़ सकता है। यह रक्तचाप की दवाओं के प्रभाव को भी कम कर सकता है।

6. धूम्रपान छोड़ दें

धूम्रपान करने से आपकी धमनियों की दीवारों की मोटाई बढ़ जाती है और ह्रदय आघात के ख़तरे बढ़ जाते हैं। जब व्यक्ति सिगरेट पीता है तो सिगरेट ख़त्म होने के काफ़ी समय बाद तक आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है।
जो लोग धूम्रपान छोड़ चुके हैं उनके जीवित रहने की सम्भावना उन लोगों से ज़्यादा होती है जो ज़िंदगी भर धूम्रपान करते रहते हैं। 

7. कैफीन कम करें 

रक्तचाप में कैफीन की भूमिका पर अभी भी बहस होती है। कैफीन उन लोगों में 10 मिमी एचजी तक रक्तचाप बढ़ा सकता है जो शायद ही कभी इसका सेवन करते हैं। लेकिन जो लोग नियमित रूप से कॉफी पीते हैं, उनके रक्तचाप पर बहुत कम या कोई प्रभाव नहीं पड़ सकता है।

हालांकि रक्तचाप पर कैफीन के दीर्घकालिक प्रभाव स्पष्ट नहीं हैं, यह संभव है कि रक्तचाप थोड़ा बढ़ सकता है।
कैफ़ीन आपकी नींद कम कर देती है जिससे आपका निद्रा चक्र पूरी तरह ख़राब हो जाता है और आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। 

8. अपने तनाव को कम करें

लम्बे समय तक तनाव उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है। रक्तचाप पर पुराने तनाव के प्रभावों को निर्धारित करने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।
अपने तनाव का कारण पता करें जैसे परिवार, स्वास्थ्य या व्यवसाय।एक बार जब आपको तनाव का कारण पता लग जाएगा तो आपके लिए तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। 
आराम करने और अपनी गतिविधियों का आनंद लेने के लिए समय निकालें। हर दिन समय निकालकर शांत बैठें और गहरी सांस लें। अपने कार्यक्रम में आनंददायक गतिविधियों या शौक के लिए समय निकालें, जैसे कि टहलना, खाना बनाना या स्वयं सेवा करना।
आभार का अभ्यास करें। दूसरों का आभार व्यक्त करने से आपका तनाव कम हो सकता है।

9. घर पर अपने रक्तचाप की नियमित जाँच करें और अपने चिकित्सक को नियमित रूप से दिखाएँ:

घर पर ब्लड प्रेशर की जाँच आपको अपने रक्तचाप पर नजर रखने में मदद करती है, और सुनिश्चित करती है कि आपके जीवनशैली में लाए गए बदलाव काम कर रहे हैं, और आपको और आपके डॉक्टर को स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के बारे में सचेत कर सकती है। रक्तचाप जाँचने की मशीन आप कहीं से भी ले सकते हैं, इसके लिए आपको डॉक्टर का पर्चा नहीं चाहिए।
आपके डॉक्टर के साथ नियमित दौरे भी आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि आपका रक्तचाप अच्छी तरह से नियंत्रित है, तो अपने डॉक्टर से जांच लें कि आपको इसे कितनी बार जांचने की आवश्यकता है।

10. अपने मित्रों से समर्थन प्राप्त करें

परिवार और मित्र आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। वे आपको अपना ख्याल रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, आपको डॉक्टर के पास ले जा सकते हैं या आपके रक्तचाप को कम रखने के लिए आपके साथ एक व्यायाम कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं।

यदि आपको लगता है कि आपको अपने परिवार और दोस्तों से परे समर्थन की आवश्यकता है, तो एक सहायता समूह में शामिल हो सकते हैं। इससे आपको ऐसे लोगों से जान पहचान होती है जो आपका मनोबल बढ़ा सकते हैं या आपको अपनी जीवन शैली सुधारने में मदद कर सकते हैं। 

उच्च रक्तचाप को यदि समय रहते नियंत्रित कर लिया जाता है तो इससे होने वाली समस्याओं को पैदा होने से रोका जा सकता है। रक्तचाप नियंत्रण के लिए दवाओं के साथ साथ जीवन शैली में परिवर्तन लाना भी अत्यंत आवश्यक है। यदि आप जीवन शैली में परिवर्तन नहीं करते हैं तो आप जो दवाइयाँ ले रहे हैं उनका भी उतना प्रभाव नहीं देखने को मिलता जितना होना चाहिए। 


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